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गोंगपा किसी दया की पात्र नहीं, दस प्रतिशत सीट समझौते के लिए, किसी सूरत भाजपा के साथ नही : हीरा सिंह मरकाम

रायपुर । ”समझौता अगर होना है तो कांग्रेस से ही होना है, मैं भाजपा के साथ किसी स्थिति में नहीं हूँ। दिल्ली में समझौते को लेकर बात हो चुकी है। पर हमें सम्मानजनक सीटें चाहिए जो 9 से कम नही हो सकती” ये बोल है गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रमुख हीरा सिंह मरकाम के। दिल्ली जाते हुए एयरपोर्ट पर हुई संक्षिप्त चर्चा में हीरा सिंह मरकाम ने साफ़ किया कि, गठबंधन की संभावना बनी हुई है और गठबंधन यदि हुआ तो कांग्रेस से ही होगा।

दादा हीरा सिंह मरकाम ने जोगी से गठबंधन की संभावनाओं पर पूछे गए प्रश्न के जवाब में तंज भरे लहजे में कहा
“मैं जोगी को नही जानता क्या! मैने त्याग किया, मुख्यमंत्री मेरे कारण से बने, चुनाव मैने जिताया, उसके बाद जो कुछ उन्होने समाज के साथ किया यह सबको मालूम है बताने की चीज़ नही है।उन्होने पहला व्यक्तव्य दिया था बसपा और गोंडवाना को नेस्तनाबूत करके छोड़ूँगा। इतने हितैषी हैं मेरे तो ट्रायबल की पार्टी है मेरी, तो अजित जोगी को अलग से पार्टी बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी, मैं अजीत जोगी को जानता हूँ और वो मुझे भी जानते हैं”राष्ट्रीय स्तर पर शरद पवार महागठबंधन बनाने की क़वायद में जुटे हैं, हीरा सिंह मरकाम को इस महागठबंधन में अपनी महती भुमिका की संभावनाएँ दिख रही हैं।

हीरा सिंह मरकाम ने कहा
“दस सीटों पर हमने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, समझौता सम्मानपूर्वक होगा,वैसे बत्तीस प्रतिशत पर हमारा अधिकार है पर हम दस प्रतिशत पर मानेंगे” दस प्रतिशत से आशय है विधानसभा की नब्बे सीटों मे से नौ सीटें। यहाँ यह भी ध्यान रखने की बात है कि दस सीटों पर गोंडवाना ने प्रत्याशी घोषित कर दिए है और इनमें से अधिकांश पर बीते चुनाव में कांग्रेस को गोंडवाना को मिले वोटों की वजह से हार का सामना करना पड़ा था, हालाँकि हीरा सिंह मरकाम के गढ़ इलाक़े तानाखार पर बीते तीन चुनाव से कांग्रेस का ही क़ब्ज़ा है।
जिन सीटों पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने प्रत्याशी घोषित कर दिए है, उनमें भरतपुर बैकुंठपुर तानाखार मरवाही कोटा कुनकुरी पत्थलगांव लैलूंगा और सक्ती सीट शामिल है।

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