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मोदी-जिनपिंग की वार्ता में हुआ ऐसा, इमरान को लगा झटका


मामल्लपुरम. एशिया के दो महाशक्ति व पड़ोसी देशों- भारत-चीन दोस्ताना रिश्तों की नई डगर पर चल पड़े हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ दो दिनी अनौपचारिक वार्ता के लिए मामल्लपुरम आए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने करीब साढ़े पांच घंटे एकांत वार्ता के बाद कहा, ‘रिश्तों पर विस्तार के लिए दिल से दिल की बात हुई।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘वुहान स्पिरिट ने हमारे रिश्तों को नई गति व भरोसा दिया था अबचेन्नई कनेक्ट से नए युग का सूत्रपात होगा।’ मोदी-जिनपिंग वार्ता की सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि कश्मीर को लेकर दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई, बल्कि आतंकवाद पर उन्होंने भारत की चिंता से सहमति जताते हुए उसका मुकाबला करने का भरोसा दिया। इससे पाकिस्तान व वहां पीएम इमरान खान की रणनीति को झटका लगा है। वह कश्मीर के जरिए भारत-चीन रिश्तों में दरार डालने की कोशिश में थे।

अप्रैल 2018 में चीन के वुहान में हुई अनौपचारिक वार्ता के बाद दूसरे दौर की वार्ता के लिए राष्ट्रपति जिनपिंग शुक्रवार शाम चेन्नई के समीप ऐतिहासिक मामल्लपुरम पहुंचे थे। वह शनिवार दोपहर 12.45 बजे करीब 24 घंटे की यात्रा के बाद नेपाल रवाना हो गए। मामल्लपुरम में मोदी व जिनपिंग के बीच शनिवार सुबह सबसे अहम 90 मिनट की एकांत वार्ता हुई। हालांकि शुक्रवार को रात्रिभोज के वक्त भी दोनों नेताओं ने करीब ढाई घंटे एकांत वार्ता की थी। कुल मिलाकर दोनों के बीच साढ़े पांच घंटे अकेले में वार्ता हुई।

बयानों में नजर आया भरोसा

शनिवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता से पहले दिए नेताओं ने संक्षिप्त बयानों में जो बातें कहीं, उनसे साफ नजरआया कि पाकिस्तान की खातिर चीन भारत से रिश्ते नहीं बिगाड़ेगा। पीएम मोदी ने कहा, ‘वुहान में हमने तय किया था कि हम हमारे मतभेद विवेक सम्मत ढंग से निपटाएंगे और उन्हें विवाद की वजह नहीं बनने देंगे। हम एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहेंगे और हमारे रिश्ते पूरे विश्व में शांति व स्थिरता की अगुआई करेंगे। ये हमारी महत्वपूर्ण उपलब्धियां रहीं और ये ही हमें भविष्य में भी प्रेरित करती रहेंगी।’

वहीं, राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा, ‘पहली अनौपचारिक वार्ता की निरंतर प्रगति नजर आ रही है। हमारे बीच व्यापक सामरिक संचार, ज्यादा प्रभावी व व्यावहारिक सहयोग, लोगों के बीच संपर्क व सांस्कृतिक आदान-प्रदान शुरू हुआ है। जो हुआ है, उससे साबित होता है कि हमने इस तरह की अनौपचारिक वार्ता का सही फैसला किया था। हम इसे जारी रखेंगे। शुक्रवार को और आज प्रधानमंत्री के साथ दोस्त की तरह दिल की बातें हुई हैं। हमारे बीच गहराई के साथ अच्छी बातचीत हुई।

समुद्र तट पर साथ घूमे

मामल्लपुरम के फिशरमेंस कोव रिसॉर्ट में शनिवार को पहले दोनों नेताओं की एकांत में वार्ता हुई। इस दौरान दोनों ने समुद्र तट पर पैदल भ्रमण भी किया। तब वे बातचीतकरते नजर आ रहे थे। इससे पहले वे गोल्फ कार्ट में चर्चा स्थल पहुंचे थे।

एक बार भी कश्मीर पर नहीं हुई बात : गोखले

मोदी-जिनपिंग अनौपचारिक वार्ता व प्रतिनिधिमंडल की चर्चा के बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने दावा किया कि दोनों नेताओं की लंबी बातचीत के दौरान एक बार भी कश्मीर मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने आतंकवाद का मिलकर सामना करने की बात कही। दोनों नेता इस बात पर भी सहमत हुए कि आतंकवाद की चुनौतियों का सामना करना जरूरी है। गोखले ने बताया कि कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का भी फैसला हुआ है।

इन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग व्यापार : चीन व्यापार घाटा कम करने के लिए ठोस उपाय करेगा। व्यापार, निवेश और सेवाओं पर चर्चा करने के लिए नई प्रणाली बनेगी। इसमें चीन की तरफ से उप-प्रधानमंत्री हु शुन्हुआ और भारत की तरफ से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल होंगी।

लोगों के बीच संपर्क : दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के और करीब आएं, इसके लिए कुछ और उपाय किए जाएंगे।

परस्पर सहयोग : दोनों देश रक्षा समेत क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मसलों पर सहयोगकरेंगे।

आतंकवाद : इस चुनौती से दोनों देश मिलकर निपटेंगे।

पीएम को न्योता, जाएंगे चीन

विदेश सचिव ने बताया कि जिनपिंग ने पीएम मोदी को चीन आने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। अगले दौर की बैठक चीन में होगी। हालांकि इसकी तारीख का एलान दोनों नेताओं की सुविधा के हिसाब से किया जाएगा।

 

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