हाल ही में उनकी हंस झन पगली फंस जाबे रिलीज हुई है. जो सुपरहिट साबित हुई है. आशीष शेंद्रे ने 50 छत्तीसगढ़ी फिल्म और भोजपुरी, तेलगू, हिन्दी फिल्मों में दमदार अभिनय के जरिए गहरी छाप छोड़ी है. छत्तीसगढ़ के नाटकों के भी वे प्रमुख अभिनेता रहे.

वे जाने माने कलाकार घनश्याम शेन्द्रे के पुत्र थे. आशीष ने करीब 100 से अधिक फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया है. उनकी अंतिम फ़िल्म हंस झन पगली अभी सिनेमाघरों में धूम मचा रही है. थियेटर कलाकार आशीष ने छइयां भुइयां से छॉलीवुड में कदम रखा था. उनका अंतिम संस्कार गुरुवार की सुबह 11 बजे देवेंद्र नगर मुक्तिधाम में किया जाएगा.

 छॉलीवुड के ‘बाबूजी’

आशीष शेंद्रे को छॉलीवुड का बाबूजी कहा जाता था. क्योंकि हीरों के पिता जी के रोल में उन्हें खूब पसंद किया जाता था. डायरेक्टर सतीश जैन और सुपरस्टार अनुज शर्मा के पहली फिल्म मोर छइयां भुइयां में बाबू जी के रोल को उन्होंने जीवंत कर दिया था. झन भूलव मां-बाप में उनकी दमदार आवाज और हास्य ने लोगों को खूब हंसाया. जिसे आसानी से भुलाया नहीं जा सकता. अब छॉलीवुड के दर्शकों को एक सख्त बाबूजी देखने को नहीं मिलेगा. और उनका ये डॉयलॉग बड़ा कोदू आदमी है भी सुनने को नहीं मिलेगा.