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यहां अफ्रीकन तोते बोलेंगे, जय जोहार, जय सीताराम


रायपुर। नंदनवन पक्षी विहार में घूमने आए पर्यटकों का स्वागत श्याम और राधा नामक ग्रे पैरेट छत्तीसगढ़ी भाषा में करेंगे। नंदनवन में लाए गए दक्षिण अफ्रीकन ग्रे पैरेट अब छत्तीसगढ़ी भाषा में पर्यटकों से जय जोहार और सीताराम बोलते नजर आएंगे, क्योंकि नंदनवन प्रबंधन के कर्मचारियों द्वारा ग्रे पैरेट को छत्तीसगढ़ी भाषा की ट्रेनिंग दी जा रही है।

नंदनवन के अधिकारियों का कहना है कि ग्रे पैरेट में नकल करने की क्षमता बहुत तेज होती है। ये किसी भी भाषा की मिमिक्री भी कर लेते हैं। ग्रे पैरेट दो साल की उम्र पूरी कर लिए हैं। अब इनकी बोलने की क्षमता धीरे-धीरे बढ़ रही है, इसलिए इन्हें छत्तीसगढ़ी भाषा सिखाई जा रही है।

 ज्ञात हो कि नंदनवन कुल 50 एकड़ में फैला हुआ है। जंगल सफारी बनने के बाद नंदनवन को पक्षी विहार के रूप में विकसित किया जा रहा है। वन विभाग दो साल पहले 70 पक्षियों को लाया था। विदेशी पक्षियों को छत्तीसगढ़ की आबोहवा खूब भा रही है। पिछले दो साल में पक्षियों की संख्या में तीन गुना से अधिक इजाफा हुआ है।वर्तमान में उनकी संख्या 350 पहुंच गई है। नंदनवन स्थित विदेशी पक्षी विहार में इन दिनों अफ्रीकन पक्षी सैलानियों के आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। नंदनवन में सैलानी ग्रे पैरेट और शुतुरमुर्ग देखने के लिए अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं।

छत्तीसगढ़ी भाषा की दे रहे ट्रेनिंग

ग्रे पैरेट श्याम-राधा मिमिक्री के अलावा गाना गाने के भी शौकीन हैं, इसलिए पक्षी विहार में ग्रे पैरेट को छत्तीसगढ़ी भाषा सिखाई जा रही है। पक्षी मामलों के जानकारों के मुताबिक ग्रे पैरेट तेज दिमाग वाला पक्षी है। यह आने वाले खतरे को तुरंत भांप लेता है। यह ज्यादातर मनुष्य के संपर्क में रहता है।

 पौने तीन मीटर का शुतुरमुर्गग्रे पैरेट के अलावा नंदनवन में अफ्रीकन प्रजाति का जलीय पक्षी शुतुरमुर्ग लाया गया है। इस शुतुरमुर्ग को पिछले दिनों लाया गया है। हालांकि इसे पक्षी का नाम जरूर दिया गया है, लेकिन यह उड़ नहीं सकता। इस पक्षी की लंबाई 2.75 मीटर है। यह प्रतिघंटा 70 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ता है। आने पर यह अपनी गर्दन को पूरी तरह से जमीन में गाड़ देता है।

इन देशों से लाए जा चुके हैं पक्षी

नंदनवन में अभी 30 विदेशी प्रजाति के पक्षी लाए जा चुके हैं। ये पक्षी दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, सूडान, म्यांमार, ब्राजील, गोयाना, अमेरिका, जापान, साइबेरिया, ताइवान, वेस्टइंडिज, थाईलैंड व इंडोनेशिया से लाए गए हैं।

 वर्तमान में ये पक्षी हैं नंदनवन मेंनंदनवन में अभी वर्तमान में अफ्रीकन ग्रे पेलिकन, ब्लैक श्वान, कारोलाइन डक, क्रस्टेड डक, सिल्वर फीजेंट, क्रेस्टेज वुड, लव बर्ड, जेब्रा फ्रिंज, ब्लयूरिंगनेट, गोल्डन फ्रीजेंट, लेडिज हेमरेस्ट, एमोजोन, ग्रे पैरेट, कोहिनूर व मकाऊ पक्षी हैं।

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